अमेरिकी उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा, मगर मंडरा रहा है मंहगाई का नया खतरा
अमेरिका में एक नए सर्वे से पता चला है कि उपभोक्ताओं का आर्थिक भरोसा (Consumer Confidence) हाल में थोड़ा बढ़ा है। यह बढ़त मजबूत जॉब मार्केट और आय में इजाफे की वजह से आई है। लोगों को लग रहा है कि आने वाले महीनों में व्यापार और रोजगार के मौके बेहतर होंगे।
पेट्रोल $4 प्रति गैलन, फिर भी कैसे बढ़ा कॉन्फिडेंस?
इस बढ़त की खास बात यह है कि यह तब आई है जब देश के कई हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें $4 प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं। आमतौर पर, ईंधन की ऊंची कीमतें उपभोक्ता भावना को झटका देती हैं। मगर लगता है कि रोजगार की मजबूती ने इस नकारात्मक असर को अभी कुछ हद तक कम कर दिया है।
सबसे बड़ी चिंता: मंहगाई और ईरान-इजरायल तनाव
हालांकि, सर्वे में एक बड़ी चेतावनी भी छिपी है। उपभोक्ताओं ने मंहगाई (Inflation) को लेकर अपनी चिंता फिर से जताई है। खासकर, खाने-पीने की चीजों, गैस और किराए के बढ़ते खर्च से लोग परेशान हैं।
इसके ऊपर, मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने एक नए खतरे की आशंका पैदा कर दी है। विश्लेषकों को डर है कि अगर इस क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने, तो तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और दुनिया भर में मंहगाई को नया झटका लग सकता है।
आगे क्या? बाजार की नजर फेड पर
इन मिले-जुले संकेतों के बीच, अब सबकी नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर टिकी है। फेड को ब्याज दरों का फैसला करते समय इस नाजुक संतुलन को समझना होगा – एक तरफ मंहगाई पर काबू पाना है, तो दूसरी तरफ उपभोक्ता भरोसे और आर्थिक विकास को बनाए रखना है। आने वाले आंकड़े ही तय करेंगे कि अगला कदम क्या होगा।
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