अमेरिका में घर खरीदने का सपना फिर महंगा
अमेरिकी आवास बाज़ार के लिए एक बुरी खबर आई है। 30-वर्षीय फिक्स्ड-रेट मॉर्गेज का औसत ब्याज दर बढ़कर 6.46% हो गया है। यह पिछले लगभग 7 महीनों में सबसे ऊंचा स्तर है। फ़रवरी के अंत में यह दर 6.28% थी।
क्या है वजह?
विशेषज्ञों का मानना है कि अर्थव्यवस्था में मजबूती और मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) पर लगाम लगाने के लिए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें ऊंची रखने की संभावना इस वृद्धि की मुख्य वजह है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ते हैं, तो मॉर्गेज रेट्स पर भी सीधा असर पड़ता है।
होमबायर्स पर क्या असर?
इस बढ़ोतरी का सीधा असर नए घर खरीदने वालों पर पड़ेगा। उनकी मासिक किस्त (EMI) बढ़ जाएगी, जिससे किफायती घरों की खरीदारी और मुश्किल हो जाएगी। पहले से ही ऊंची संपत्ति की कीमतों के साथ, यह ब्याज दर वृद्धि खरीदारों की क्रय शक्ति को और कमजोर कर देगी।
भारतीय NRI और बाजार के लिए मायने
यह रुझान भारतीय प्रवासियों (NRI) को भी प्रभावित कर सकता है, जो अमेरिका में प्रॉपर्टी में निवेश करते हैं। वैश्विक स्तर पर, अमेरिकी आवास बाज़ार में मंदी का रुख दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक अहम संकेतक है।
संक्षेप में, अमेरिकी आवास बाज़ार में एक बार फिर चुनौतियां बढ़ रही हैं, और होम लोन लेने वालों को जेब पर ज्यादा बोझ झेलना पड़ सकता है।
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