पाकिस्तान की सरकार इस महीने के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 2 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूएई ने इस राशि की वापसी की मांग की है और यह कदम हाल के दिनों में मध्य पूर्व क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक हालात से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। यह कर्ज पाकिस्तान को बैलेंस ऑफ पेमेंट सपोर्ट के लिए दिया गया था और फिलहाल यह पैसा स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के पास जमा है।
हालांकि पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि देश इस कर्ज की अदायगी करने में सक्षम है, लेकिन आने वाले वित्तीय वर्ष की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्हें अतिरिक्त बाहरी वित्तपोषण की तलाश करनी पड़ सकती है। यह घटना पाकिस्तान की लगातार बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और विदेशी कर्ज पर निर्भरता को एक बार फिर उजागर करती है।
विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण यूएई जैसे देश अपने वित्तीय एक्सपोजर को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका सीधा असर पाकिस्तान जैसे कर्जदार देशों पर पड़ रहा है।
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